14 July 2025: Aaj ka Share Market Update – चौथा दिन गिरावट का सिलसिला जारी!
आज शेयर बाजार का क्या हाल रहा? दैनिक बाजार अपडेट प्राप्त करना और सही निवेश निर्णय लेना हर निवेशक के लिए महत्वपूर्ण है। आज, 14 जुलाई 2025 को भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई, जिसमें आईटी शेयरों में बिकवाली और विदेशी फंडों का बहिर्वाह (outflow) प्रमुख कारण क्या रहे।

बाजार का हाल: सेंसेक्स और निफ्टी का आज का प्रदर्शन
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ गिरावट गहराती गई। हालांकि, कारोबार के अंत में थोड़ी रिकवरी भी देखने को मिली।
- सेंसेक्स: 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स आज 247.01 अंकों या 0.30% की गिरावट के साथ 82,253.46 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसने 82,010.38 का निचला स्तर भी छुआ।
- निफ्टी: वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी आज 67.55 अंकों या 0.27% की गिरावट के साथ 25,082.30 पर बंद हुआ। यह 25,001.95 के निचले स्तर तक भी गिरा था।
9 जुलाई से शुरू हुई इस गिरावट में सेंसेक्स लगभग 1,460 अंक (1.75%) और निफ्टी लगभग 440 अंक (1.73%) नीचे आ चुके हैं।
आज के प्रमुख सेक्टर और टॉप गेनर्स/लूजर्स
आज के सत्र में विभिन्न सेक्टरों में अलग-अलग रुझान देखने को मिले:
- आईटी सेक्टर पर दबाव: आईटी शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसने पूरे बाजार को नीचे खींचा। जियो फाइनेंशियल, टेक महिंद्रा, विप्रो, इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे बड़े आईटी स्टॉक 1.5% से अधिक गिरे।
- मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी: बाजार की गिरावट के बावजूद, मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.67% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.57% चढ़े।
- अन्य प्रमुख सेक्टर: निफ्टी रियल्टी (1.39%), मीडिया (1.36%), हेल्थकेयर (1%), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (0.88%), फार्मा (0.83%) और पीएसयू बैंक (0.73%) जैसे सेक्टरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी बैंक सपाट बंद हुआ।
- टॉप गेनर और लूजर:
- गेनर्स: निफ्टी मिडकैप 100 में ओला इलेक्ट्रिक 20% उछलकर ₹47.66 पर बंद हुआ। इसके अलावा, टाइटन, एचडीएफसी लाइफ, ओएनजीसी और ग्रासिम इंडस्ट्रीज भी आज के प्रमुख गेनर्स में शामिल रहे।
- लूजर्स: निफ्टी 50 में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज 2% गिरकर ₹319 पर बंद हुआ।
बाजार को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक
आज भारतीय शेयर बाजार को कई घरेलू और वैश्विक कारकों ने प्रभावित किया:
- विदेशी फंडों का बहिर्वाह (FII Outflows): विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा शुक्रवार (11 जुलाई) को ₹5,104.22 करोड़ के शेयर बेचे जाने से बाजार पर नकारात्मक दबाव बढ़ा। यह विदेशी निवेश की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
- आईटी शेयरों में कमजोरी: आईटी सेक्टर में लगातार बिकवाली बाजार के सेंटिमेंट को कमजोर कर रही है।
- वैश्विक संकेत: एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा, जबकि यूरोपीय बाजार नकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
- थोक मूल्य सूचकांक (WPI): जून में थोक मूल्य सूचकांक 19 महीनों के बाद नकारात्मक हो गया (0.13% की गिरावट)। यह खाद्य पदार्थों और ईंधन में अपस्फीति (deflation) के बढ़ने के साथ-साथ विनिर्मित उत्पाद लागतों में नरमी के कारण हुआ।
- कच्चे तेल की कीमतें: वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.99% बढ़कर 71.06 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की वर्तमान अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए समझदारी से निवेश करें। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें ।